Sunday, 22 June 2014

“ कुछ पल की यादें ”

कुछ पल की यादें

ये कहानी दो युवा पात्रो की साथ बिताये कुछ पालो की कहानी हैं, जो सिर्फ एक दिन के लिए साथ रहते हैं ! बात उस समय की हैं, जब एक बार मैं (राहुल) अपने परिवार एक पारिवारिक यात्रा पर गया, हम सभी एक अपनी प्राइवेट बस करके यात्रा पर गए, जिसमे करीब 60-70 लोग थे !
हम रात को करीब 10 बजे निकले, हम सभी खूब मस्ती कर रहे थे, रात के करीब 1 बजे रास्ते में हमें हमारे कुछ और लोगो को साथ लेना था तो हम रुके और 3 लोग हमारे साथ बस में चढ़े, उनमे एक आंटी, उनकी एक बेटी (राखी) और उनका छोटा बेटा थे!
ये कहानी राहुल और राखी की मुलाकात पर ही आधारित हैं, हमारी मुलाकात सुबह 7 बजे हुई ! में राखी और हमारे कुछ दोस्त बस के केबिन में बैठे हुए थे, सभी आपस में बाते कर रहे थे ! तभी मैंने देखा की मेरा बेग जो एक सीट के निचे रखा हुआ था वो उल्टा पडा हैं, राखी भी उसी सीट के ऊपर बेठी हुई थी, ये राखी से बात करने का मेरे लिए अच्छा मौका था !
मैंने राखी से दबी सी मासूम सी आवाज में कहा की – उस बेग को ज़रा सीधा कर दीजिये ! और मुझे एक अनजान सी नजरो से देखते हुए उसने उस बैग को सीधा किया , कुछ देर बातें होने के बाद जब हम सभी बस से नाश्ते के लिए उतर रहे थे तब सबके उतरने के बाद राखी और में बचे थे, तो राखी जो मुझसे अब तक नहीं बोली थी वो अचानक मुझसे यह कहकर बस से उतर गयी की “ चलो नाश्ता कर लेते हैं ”, ( उसकी इस दबी सी और प्यार भरी आवाज ने मुझे एक नए दोस्त का एहसास करा दिया ) !
मैं उसके पीछे – पीछे उतरने लगा  पर मैंने देखा की राखी का मोबाईल बस में रह गया हैं, वो और में अनजान थे तो मुझे उसका मोबाईल देने में थोड़ी झिझक हो रही थी, पर मैने उससे बात करने का एक और मौका नहीं खोया और बस से निचे उतर कर उससे कहा की “ आपका मोबाईल अन्दर रह गया था ”, उससे मुझे परवाह भरी नजर से देखा और मुझे कहा – “ Thank You  आपने मेरे मोबाईल का ध्यान रखा ” और कुछ देर रुक कर दबी सी आवाज में पूछा “ आपका नाम क्या हैं ? ”
मैं अन्दर ही अन्दर खुश हो रहा था की पहली बार किसी अनजान लड़की ने मुझसे इस तरह नाम पूछा हैं, मैंने उसे कहा – राहुल नाम हैं मेरा !
तो उसने मेरे बिना पूछे ही अपना नाम बता दिया , मेरा नाम राखी हैं !
इस तरह हमारी बातों का सिलसिला शुरू हुआ !
सुबह 11 बजे हम हमारे picnic sport पहुंचे, वहां हम लोगो ने खूब सारे photo click किये पूरे दिन खूब enjoy किया ! वहां से हमें करीब रात को 11 बजे निकलना था और दूसरी शहर जाना था, जो हमारी picnic  का दूसरा  sport था, जो उसी अनुसार हम रात को निकले, रात को फिर हम दोनो को साथ बात करने का मौका मिला, पर इस बार भी मुलाक़ात बड़ी अजीब थी !
हम दोनों बस में cross sitting  में बैठे थे, राखी बस की right side की corner  sit  पर बैठी थी, और में left  side की एक row पीछे corner sit पर बैठा था !,
हमारा sitting combination  बड़ा ही अजीब था, हमारा सफ़र रात के करीब 3-4 बजे तक था ! बस शुरू होने से कुछ देर बाद ही सभी लोगो को नींद आ गयी , लेकिन मैं और राखी एक दुसरे को देखते रहे !
और हमारी बातों की शुरुवात हुई, हम बोल कर बातें नहीं कर पा रहे थे !तो हम लोग इशारो से ही बाते कर रहे थे, क्योंकि हम आगे पीछे बैठे थे !
और हमारे बात करने का तरिका और समय दोनों ही बड़े रोमांटिक थे, हम दोनों एक दुसरे से अनजान थे, फिर भी हम एक दुसरे के इशारो को इस तरह समझ रहे थे, मनो हम कई सालो पुराने दोस्त हो !
हम दोनों इन बातों में इतना खो गए की हमें पता ही नहीं चला की कब सुबह के 3 बज गए और हम हमारे नए शहर पहुच गए !
वहां पहुचंकर हम लोगो ने पुरे डिज्न enjoy  किया और खूब बातें की ! अब हम एक दुसरे को समझने लगे थे ! शाम को 4 बजे हमारे निकलने का program था तो हम निकल गए, 7 बजे राखी का शहर आया, क्योंकि उसका शहर रास्ते में ही था !
आते समय वो और मैं पास ही बैठे थे, हमने आपस में खूब बातें की और एक दुसरे के अच्छे दोस्त बन गए ! पर अब उसके मुझसे दूर जाने का समाज आ गया था, वह बस से उतर गयी !
उसके उतरने के बाद मेरा मन शायद उसी के साथ चला गया हो, मुझसे बहुत पुराना कोई दोस्त दूर हो गया हो !
और में भी फिर रात को 1 बजे अपने घर पहुँच गया, मैंने उसे बहुत याद किया, मेरे पास उसे contact  करने का कोई रास्ता नहीं था ! पर मुझे उसका Facebook  Account  check करने का ख्याल आया, और मैंने उसे request or message  भेज दिए, 2-3  दिन तक उसके कोई reply नहीं आये !
अचानक 3 दिन बाद उसका reply आया, की “ I Also miss U ”, और उसी दिन शाम को मुझे अनजान number  से 2-3 miss call आये , मैंने उस number पर call  किया और बात की तो सामने से लड़की की आवाज आयी, पर वह अपना नाम पता नहीं बता रहीं थी, और मुझे खुद को पहचान ने को कह रहीं थी!
पर मैं उसकी आवाज कैसे भुल सकता था,, ये वहीँ थी.---- राखी !
मैंने उसे पहचान लिया और वो हंस कर बोली - “ आपने मेरी आवाज को याद रखा. ” ! और हम दोनों बहुत खुश हुए और इस तरह हमारी बात शुरू हुई और हम आज भी बातें करते हैं !

इस तरह ये कुछ पल की यादें आज भी याद हैं !

आप इस कहानी पर अपनी राय जरूर दें !

धन्यवाद !!

No comments:

Post a Comment